ईरान जंग के बीच ट्रम्प ने मोदी को फोन किया:होर्मुज स्ट्रेट खुला रखने पर बातचीत हुई; रिपोर्ट- अमेरिका से बातचीत को ईरान तैयार
अमेरिका ने बातचीत के लिए ईरान को मध्यस्थ देशों के जरिए प्रस्ताव भेजा है। CBS न्यूज से बातचीत में ईरान के विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अमेरिका ने मध्यस्थ देशों के जरिए बातचीत का संदेश भेजा है।
ईरान जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन कर बातचीत की है। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी है।
उनके मुताबिक, दोनों नेताओं ने मिडिल ईस्ट के मौजूदा हालात पर चर्चा की। खास तौर पर होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखने की अहमियत पर जोर दिया गया।
दूसरी तरफ खबर है कि ईरानी सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई अमेरिका के साथ बातचीत के लिए तैयार है। खामेनेई ने युद्ध को ईरान की शर्तों के अनुसार जल्द खत्म करने पर सहमति जताई है।
अल अरबिया की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ को गुप्त रूप से बताया कि सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई ने वार्ता के लिए अनुमति दी है।
ट्रम्प ने ईरान पर हमला 5 दिन के लिए टाला
ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच हालिया बातचीत के बाद 15 मुद्दों पर सहमति बनी है। इन मुद्दों की पूरी लिस्ट सार्वजनिक नहीं की गई है। उन्होंने ईरान के पावर प्लांट पर हमले 5 दिन के लिए टाल दिए, जबकि इससे पहले होर्मुज खोलने के लिए 48 घंटे की चेतावनी दी थी।
ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि तेहरान और वॉशिंगटन के बीच कोई बातचीत नहीं हो रही है। वहीं, पाकिस्तान, मिस्र और तुर्किये के साथ मिलकर ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है। पाकिस्तान अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने रविवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से बातचीत की।
ईरान जंग के चलते कतर में शकीरा का कॉन्सर्ट पोस्टपोन
ईरान जंग के चलते कतर में होने वाला पॉप स्टार शकीरा का कॉन्सर्ट पोस्टपोन कर दिया गया है। यह कॉन्सर्ट 1 अप्रैल को दोहा में आयोजित होना था, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए आयोजकों ने इसे टालने का फैसला किया।
सिर्फ शकीरा का शो ही नहीं, बल्कि अबू धाबी में होने वाला ऑफलिमिट्स म्यूजिक फेस्टिवल भी नवंबर तक टाल दिया गया है। इसके अलावा कई अन्य कॉन्सर्ट और स्पोर्ट्स इवेंट्स भी प्रभावित हुए हैं।
अमेरिका ने ईरान को बातचीत प्रस्ताव भेजा
अमेरिका ने बातचीत के लिए ईरान को मध्यस्थ देशों के जरिए प्रस्ताव भेजा है। CBS न्यूज से बातचीत में ईरान के विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अमेरिका ने मध्यस्थ देशों के जरिए बातचीत का संदेश भेजा है।
अधिकारी के मुताबिक अमेरिका की ओर से कुछ पॉइंट्स भेजे गए हैं, जिनकी फिलहाल समीक्षा की जा रही है।
ईरान जंग के चलते फिलीपींस में ऊर्जा आपातकाल घोषित
मिडिल ईस्ट में जारी जंग का असर अब एशिया तक पहुंचने लगा है। फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस ने देश में राष्ट्रीय ऊर्जा आपातकाल घोषित कर दिया है।
राष्ट्रपति ने एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर जारी करते हुए कहा कि मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के कारण देश की ईंधन सप्लाई और ऊर्जा स्थिरता पर गंभीर खतरा पैदा हो गया है।
उन्होंने कहा, “मिडिल ईस्ट के मौजूदा हालात को देखते हुए ऊर्जा आपूर्ति की उपलब्धता और स्थिरता पर खतरे को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय ऊर्जा आपातकाल घोषित किया जाता है।”
यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब होर्मुज स्ट्रेट बंद होने के चलते वैश्विक तेल सप्लाई प्रभावित हो रही है और कई देशों में ऊर्जा संकट की आशंका बढ़ रही है।
भारत बोला- होर्मुज पार करने पर ईरान कोई टोल नहीं ले रहा
पोर्ट्स, शिपिंग और जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने कहा कि 6 LPG जहाज रवाना होने के लिए तैयार हैं और होर्मुज पार करते समय ईरान की तरफ से कोई टोल नहीं लिया जा रहा है।
VIDEO | "Six loaded LPG carriers will be ready to sail; no toll levied by Iran while crossing Strait of Hormuz," says Rajesh Kumar Sinha, Special Secretary at the Ministry of Ports, Shipping and Waterways. pic.twitter.com/xRb0SEKDj7
— Press Trust of India (@PTI_News) March 24, 2026
पाइन गैस LPG कैरियर के होर्मुज स्ट्रेट पार करने के विजुअल सामने आए हैं। जग वसंत और पाइन गैस नाम के दो भारतीय LPG टैंकर, जिनमें कुल 92,612.59 मीट्रिक टन LPG है, सुरक्षित तरीके से होर्मुज से गुजर चुके हैं।
जग वसंत पर 33 और पाइन गैस पर 27 भारतीय नाविक सवार हैं। दोनों जहाज अब भारत की ओर बढ़ रहे हैं और इनके 26 से 28 मार्च 2026 के बीच भारतीय बंदरगाहों पर पहुंचने की संभावना है।



कतर बोला- खाड़ी देशों और ईरान को साथ रहना सीखना होगा
कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अल-अंसारी ने कहा है कि खाड़ी देशों और ईरान को भविष्य में पड़ोसी के रूप में साथ रहना सीखना होगा। उन्होंने कहा, “ईरान यहां सदियों से है। इस क्षेत्र के लोग भी सदियों से हैं। किसी को कहीं जाने की जरूरत नहीं। पूर्ण विनाश विकल्प नहीं है।”
अल-अंसारी ने आगे कहा, “हम साथ रहेंगे, पड़ोसी रहेंगे और मानवता के भविष्य के लिए एक-दूसरे के साथ रहने के तरीके खोजने होंगे।”