अशोक चक्र से सम्मानित होंगे शुभांशु शुक्ला, 77वें गणतंत्र दिवस पर सेना के 70 जवानों को वीरता पुरस्कार

तीन जवानों को कीर्ति चक्र और 13 जवानों को शौर्य चक्र से सम्मानित किया जाएगा। कुल 70 जवानों को गैलेंट्री अवॉर्ड दिए जाएंगे। इनमें से छह जवानो को मरणोपरांत सम्मानित किया जाएगा।

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अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की यात्रा करने वाले पहले भारतीय ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से सम्मानित किया जाएगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कुल 70 जवानों को सम्मानित करने की मंजूरी दे दी है। रक्षा मंत्रालय की तरफ से जारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि 301 जवानों को मिलिट्री डिग्रियां भी दी जाएंगी। 77वें गणतंत्र दिवस की शाम सुरक्षा बलों के 70 जवानों को गैलेंट्री अवॉर्ड दिए जाएंगे। छह जवानों को मरणोपरांत सम्मानित किया जाएगा। तीन जवानों को कीर्ति चक्र, 13 जवानों को शौर्य चक्र से सम्मानित किया जाएगा। एक जवान को मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित किया जाएगा।

शुभांशु शुक्ला एयरफोर्स में ग्रुप कैप्टन हैं। वह पिछले साल अंतरिक्ष में गए थे। - Dainik Bhaskar

301 जवानों को गैलेंट्री मेडल भी दिए जाएंगे। इनमें एक बार टू सेना मेडल (गैलेंट्री), 44 सेना मेडल (गैलेंट्री), जिनमें से पांच मरणोपरांत दिए जाएंगे। छह नौसेना मेडल (गैलेंट्री) और दो वायु सेना मेडल (गैलेंट्री) शामिल हैं।

कीर्ति चक्र से सम्मानित होंगे ये जवान

मेजर अर्शदीप सिंह, नायब सूबेदार डोलेश्वर सुब्बा और कैप्टन प्रशांत बालकृष्णन नायर को कीर्ति चक्र से सम्मानित किया जाएगा। मेजर अर्शदीप असम राइफल का हिस्सा हैं, जबकि नायब सूबेदार डोलेश्वर सुब्बा पैरामिलिट्री फोर्स और कैप्टन प्रशांत बालकृष्णन नायर वायुसेना में फ्लाइंग पायलट रहे हैं।

शौर्य चक्र विजेताओं के नाम

रैंक और नाम
यूनिट/रेजिमेंट
लेफ्टिनेंट कर्नल घाटगे आदित्य श्रीकुमार
21 पैरा (स्पेशल फोर्सेस)
मेजर अंशुल बाल्टू
JAK LI, 32 असम राइफल्स
मेजर शिवकांत यादव
5 पैरा (स्पेशल फोर्सेस)
मेजर विवेक
मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री, 42 RR
मेजर लीशांगथेम दीपक सिंह
11 पैरा (स्पेशल फोर्सेस)
कैप्टन योगेंद्र सिंह ठाकुर
6 पैरा (स्पेशल फोर्सेस)
सूबेदार पी. एच. मोसेस
1 असम राइफल्स
लांस डफादार बलदेव चंद
आर्मर्ड, 4 RR
राइफलमैन मंगलम सांग वैफेई
3 असम राइफल्स
राइफलमैन धुर्बा ज्योति दत्ता
33 असम राइफल्स
लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना के
नेवी
लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा ए
नेवी

असिस्टेंट कमांडेंट विपिन विल्सन

गृह मंत्रालय

जम्मू-कश्मीर ऑपरेशन थिएटर में 45 वीरता पदक

सबसे ज्यादा 45 वीरता पदक जम्मू और कश्मीर ऑपरेशन थिएटर में तैनात कर्मियों को दिए गए हैं। यहां ऑपरेशन थिएटर का मतलब वह जगह या इलाका, जहां लंबे समय तक आतंकवाद, घुसपैठ के खिलाफ और कानून-व्यवस्था से जुड़े ऑपरेशन चलते रहते हैं।

नक्सल हिंसा प्रभावित क्षेत्रों के 35 और पूर्वोत्तर क्षेत्र में तैनात 5 कर्मियों को इन पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। फायर ब्रिगेड सर्विस के 4 बचावकर्मियों को भी वीरता पदक के लिए चुना गया।

प.बंगाल: आरजी कर केस की जांच में शामिल CBI अधिकारी को वीरता पदक

वी चंद्रशेखर वर्तमान में दिल्ली जोन में CBI हेड के पद पर कार्यरत हैं।
वी चंद्रशेखर वर्तमान में दिल्ली जोन में CBI हेड के पद पर कार्यरत हैं।

कैटेगरीज वाइज अवॉर्ड:101 प्रेसिडेंट मेडल

  • 125 गैलेंट्री मेडल: 121 पुलिसकर्मी और 4 फायर ब्रिगेड कर्मी
  • 101 प्रेसिडेंट मेडल (PSM): 89 पुलिस, 5 फायर ब्रिगेड, 3 सिविल डिफेंस/होम गार्ड और 4 करेक्शनल सर्विस कर्मी
  • 756 मेरिटोरियस सर्विस मेडल (MSM): 664 पुलिस, 34 फायर ब्रिगेड, 33 सिविल डिफेंस/होम गार्ड और 25 करेक्शनल सर्विसकर्मी।

केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) में CRPF एकमात्र फोर्स है जिसे 12 पदकों के साथ वीरता पुरस्कार मिले हैं। CBI के 31 अधिकारियों को प्रेसिडेंट मेडल और मेरिटोरियस मेडल मिले हैं।

इनमें आरजी कर रेप-मर्डर केस की जांच करने वाले CBI के जॉइंट डायरेक्टर वी चंद्रशेखर भी शामिल हैं। चंद्रशेखर ने कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर के रेप-मर्डर केस की जांच की थी।

दिल्ली पुलिस को 14 अवॉर्ड

जम्मू-कश्मीर पुलिस को सबसे ज्यादा 33 वीरता पदक मिले हैं। इसके बाद महाराष्ट्र पुलिस (31), उत्तर प्रदेश पुलिस (18) और दिल्ली पुलिस (14) का स्थान है।

जानिए इन अवॉर्ड्स के बारे में…

  • वीरता पदक: किसी व्यक्ति को वीरता के दुर्लभ असाधारण कार्य, जीवन-संपत्ति बचाने, अपराध को रोकने, अपराधियों को गिरफ्तार करने में असाधारण वीरता के लिए दिया जाता है। संबंधित अधिकारी के दायित्व-कर्तव्य को ध्यान में रखकर जोखिम का अनुमान लगाया जाता है।
  • प्रेसिडेंट सेवा मेडल: PSM सेवा में विशेष विशिष्ट रिकॉर्ड के लिए दिया जाता है।
  • मेधावी सेवा मेडल: यह मेडल सेवा संसाधन और कर्तव्यनिष्ठा से की जाने वाली मूल्यवान सेवा के लिए दिया जाता है।

शुभांशु शुक्ला- ISS की यात्रा करने वाले पहले भारतीय

शुभांशु ने 25 जून, 2025 को नासा के एक्सियम मिशन के तहत इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) की यात्रा की थी।
शुभांशु ने 25 जून, 2025 को नासा के एक्सियम मिशन के तहत इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) की यात्रा की थी।

शुभांशु शुक्ला भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन, टेस्ट पायलट और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के अंतरिक्ष यात्री हैं। उन्होंने 25 जून, 2025 को नासा के एक्सियम मिशन के तहत इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) की यात्रा की थी। वे ISS पर 18 दिन रहे। वह 1984 में राकेश शर्मा के बाद अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय हैं। वे गगनयान मिशन में भी शामिल हैं।

शुभांशु शुक्ला मूल रूप से उत्तर प्रदेश के लखनऊ के रहने वाले हैं। इनकी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई अलीगंज, लखनऊ के सिटी मॉन्टेसरी स्कूल में हुई। 12वीं के बाद उन्होंने नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) का एंट्रेंस एग्जाम क्लियर किया और यहीं से ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की थी।

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