जम्मू-कश्मीर के नौगाम पुलिस स्टेशन में ब्लास्ट, 9 मौतें:29 घायल; दिल्ली ब्लास्ट के आतंकी मॉड्यूल से जब्त विस्फोटक जांच के दौरान फटा

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जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में नौगाम पुलिस स्टेशन में शुक्रवार रात करीब 11:22 बजे बड़ा धमाका होने से 9 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 29 घायल हैं। मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। घायलों में ज्यादातर पुलिसकर्मी हैं। इनका 92 आर्मी बेस और SKIMS सौरा हॉस्पिटल में इलाज जारी है।

अधिकारियों के मुताबिक, ब्लास्ट उस समय हुआ जब पुलिस व्हाइट कॉलर आतंकी मॉड्यूल मामले में जब्त विस्फोटक के सैंपल ले रही थी। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि क्या पुलिस स्टेशन में पूरा 360 किलो विस्फोटक रखा गया था या फिर कुछ हिस्सा ही लाया गया था।

दरअसल यह विस्फोटक हरियाणा के फरीदाबाद से गिरफ्तार डॉ. मुजम्मिल गनई के किराए के घर से जब्त किया गया था। गनई को दिल्ली ब्लास्ट केस में पहले ही अरेस्ट किया जा चुका है।

उधर श्रीनगर ब्लास्ट की आतंकी एंगल से भी जांच हो रही है। सूत्रों के मुताबिक विस्फोटक में धमाका तभी होगा तब उसमें डेटोनेटर और फ्यूज का इस्तेमाल किया जाए या किसी तरह ट्रिगर किया जाए। जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े एक आतंकी ग्रुप PAFF ने हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया, लेकिन पुष्टि होना बाकी है।

यह वही इलाका है जहां पहली बार सेना के जवानों को चेतावनी देते हुए पोस्टर लगे मिले थे। इसी पोस्टर की जांच करते हुए सुरक्षा एजेंसियां दिल्ली विस्फोट से जुड़े टेरर मॉड्यूल तक पहुंची हैं।

इस धमाके को दिल्ली विस्फोट के जैसा ही माना जा रहा है। वीडियो फुटेज देखकर वैसे ही दृश्य सामने आ रहे हैं जैसे कि दिल्ली धमाके के बाद दिखाई दिए थे। दिल्ली में 10 नवंबर को लाल किले के पास हुए कार विस्फोट में 13 लोगों की जान जा चुकी है। जांच एजेंसियां उस धमाके की तय तक पहुंचने के लिए सघन जांच कर रही हैं।

प्राथमिक जानकरी के मुताबिक जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में नौगाम पुलिस स्टेशन के अंदर भीषण विस्फोट हुआ है। यह विस्फोटक सफेदपोश आतंकवादी मॉड्यूल से बरामद किया गया हो सकता है। सूत्रों का कहना है कि नौगाम पुलिस स्टेशन ने उस मॉड्यूल का भंडाफोड़ कर दिया है जो दिल्ली में लाल किले पर हुए हमले के लिए भी जिम्मेदार था।

धमाके की 2 तस्वीरें…

दिल्ली के लाल किले के पास 10 नवंबर को हुए धमाके ने पूरे देश को हिला दिया है। जांच में कई बड़े खुलासे हुए हैं। बताया जा रहा है कि इस धमाके के पीछे कोई आम गिरोह नहीं, बल्कि एक डॉक्टर आतंकी मॉड्यूल था, जो जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा बताया जा रहा है।

जम्मू-कश्मीर सीआईके की घाटी में 13 जगहों पर छापेमारी चल रही है. ये छापे कथित तौर पर श्रीनगर-दिल्ली विस्फोट मामले की सीआईडी ​​द्वारा चल रही जांच से जुड़े हैं. जल्द ही गिरफ़्तारी और बरामदगी की संभावना है. आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, यह छापेमारी जम्मू-कश्मीर सीआईडी द्वारा एकत्र की गई खुफिया जानकारी के आधार पर की जा रही है. जांच एजेंसियों को शक है कि यह नेटवर्क दिल्ली के लाल किले के पास हुए विस्फोट की साजिश में शामिल हो सकता है.

देश भर में नेटवर्क का संदेह 

कई टीमें स्थानीय पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर इन जगहों पर तलाशी अभियान चला रही हैं. छापेमारी का केंद्र उन व्यक्तियों और परिसरों पर है जिनका संबंध प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से होने का संदेह है. सूत्रों ने बताया कि यह कार्रवाई देशभर में सक्रिय आतंकी मॉड्यूल्स को खत्म करने के लिए चलाए जा रहे व्यापक अभियान का हिस्सा है. जांच एजेंसियों का कहना है कि इस अभियान से कश्मीर और देश के अन्य हिस्सों में फैले आतंक नेटवर्क की गतिविधियों पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी.

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