दिल्ली एयरपोर्ट पर 300 फ्लाइट्स लेट, ATC में तकनीकी खराबी:विमानों की लैंडिग-टेकऑफ का शेड्यूल नहीं मिल रहा; भोपाल, चंडीगढ़, अहमदाबाद में भी डिले
दिल्ली एयरपोर्ट पर शुक्रवार को एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम में तकनीकी खराबी की वजह से 300 से ज्यादा उड़ानों में देरी हुई है। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, गुरुवार शाम से ही तकनीकी खराबी के कारण एयर कंट्रोलर्स को फ्लाइट का शेड्यूल नहीं मिल पा रहा है।
#WATCH भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) ने ट्वीट किया, "एयर ट्रैफ़िक कंट्रोल डेटा को सपोर्ट करने वाले ऑटोमैटिक मैसेज स्विचिंग सिस्टम (AMSS) में तकनीकी खराबी के कारण दिल्ली हवाई अड्डे पर उड़ान संचालन में देरी हो रही है। नियंत्रक उड़ान योजनाओं को मैन्युअल रूप से प्रोसेस कर रहे… pic.twitter.com/gsuITyoJB3
— ANI_HindiNews (@AHindinews) November 7, 2025
एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स मैन्युअली काम कर रहे हैं। हालात कब तक सामान्य होंगे, अभी इस बारे में दिल्ली एयरपोर्ट अथॉरिटी ने कोई जानकारी नहीं दी है।
फ्लाइट अवेयर का रियल टाइम मैप, चक्कर काट रहे विमान

दिल्ली एयरपोर्ट के ATC में खराबी होने से कई फ्लाइट्स की लैंडिंग में देरी हो रही है। फ्लाइट अवेयर के मुताबिक ये फ्लाइट्स दिल्ली के आसमान में चक्कर काट रहीं हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऑटोमेटिक मैसेज स्विच सिस्टम (AMSS) में गड़बड़ी आ गई है। यह प्लेन के शेड्यूल यानी टेकऑफ और लैंड की जानकारी देता है।
ATC के अधिकारी पहले से मौजूद डेटा के साथ मैन्युअली फ्लाइट शेड्यूल तैयार कर रहे हैं। इसके चलते कई फ्लाइट्स एक घंटा देरी से उड़ीं।
फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट Flightradar24.com के मुताबिक, इससे पहले गुरुवार को 513 फ्लाइट्स देरी से रवाना हो सकी थीं।

लेट फ्लाइट्स का असर, 4 पॉइंट्स में
- यात्री परेशान: चेक-इन, गेट पर इंतजार, बोर्डिंग लेट, कनेक्शन फ्लाइट छूटने का खतरा बढ़ गया।
- ऑपरेशन प्रभावित: दिल्ली एयरपोर्ट में रोजाना 1,500 से अधिक फ्लाइट आती-जाती हैं। इससे एयरलाइन और एयरपोर्ट के कामकाज में देरी हुई।
- बाकी एयरपोर्ट्स पर भी असर: दिल्ली के अलावा बेतिया, लखनऊ, जयपुर, चंडीगढ़ जैसे एयरपोर्ट्स पर भी असर देखा गया।
- अपकमिंग फ्लाइट्स: लेट फ्लाइट्स की वजह अपकमिंग फ्लाइट्स का शेड्यूल प्रभावित होता है। फ्लाइट्स लेट होती जाती हैं।

ऑटोमेटिक मैसेज स्विचिंग सिस्टम क्या है जानिए
AMSS (ऑटोमेटिक मैसेज स्विचिंग सिस्टम) एयर ट्रैफिक कंट्रोल सर्विस से जुड़ा कंप्यूटर नेटवर्क सिस्टम है। AMSS के जरिए हजारों टेक्स्ट-बेस्ड मैसेज हर दिन पायलट, ग्राउंड स्टाफ और दूसरे एयरपोर्ट्स तक रीयल-टाइम भेजे जाते हैं।
इन मैसेज में क्या होता है-
- हर फ्लाइट का पूरा रूट, ऊंचाई, फ्यूल आदि की जानकारी
- फ्लाइट ने कब उड़ान भरी
- फ्लाइट कब लैंड हुई
- उड़ान में देरी की सूचना
- प्लान बदला या रद्द किया गया
- मौसम संबंधी अपडेट
- एयरस्पेस में चेतावनियां
यह कैसे काम करता है? एयरलाइन या पायलट फ्लाइट-प्लान डालते हैं। AMSS उस डेटा को चेक करके सही जगह (ATC, दूसरे एयरपोर्ट, संबंधित एयरलाइन) तक पहुंचाता है। अगर रूट या मौसम बदलता है, तो सिस्टम तुरंत सभी को अपडेट भेजता है। यह पूरे एयर ट्रैफिक रूट को सिंक रखता है।
अगर AMSS काम न करे तो क्या होता है?
अगर सिस्टम फेल हो जाए, जैसे दिल्ली में हुआ —
- ऑटोमेटिक मैसेज बंद: फ्लाइट-प्लान, रूट क्लियरेंस और अपडेट मैन्युअली (हाथ से) करने पड़ते हैं।
- ATC पर काम का बोझ: हर मैसेज या मंजूरी अब इंसानों को खुद भेजनी होती है।
- देरी और भीड़: जब फ्लाइट-प्लान अप्रूव होने में समय लगता है, तो टेकऑफ-लैंडिंग धीमी हो जाती है। इससे एयरपोर्ट पर भीड़ बढ़ जाती है।
- सुरक्षा जोखिम: ऑटोमेटिक कोऑर्डिनेशन न होने पर (human error) की संभावना बढ़ जाती है।
दिल्ली एयरपोर्ट पर एक हफ्ते से मिल रहे फेक सिग्नल
दिल्ली में पिछले एक हफ्ते से विमानों के GPS सिग्नल में फेक अलर्ट आ रहे हैं। जिसे GPS स्पूफिंग भी कहते हैं। इसके तहत पायलटों को गलत लोकेशन और नेविगेशन डेटा अलर्ट मिल रहे हैं। एयर ट्रैफिक कंट्रोल के सूत्रों के अनुसार दिल्ली के करीब 100 किमी के दायरे में ऐसी घटनाएं सामने आई हैं। फ्लाइट रेगुलेटर डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) को इसके बारे में जानकारी दे दी गई है।
स्पूफिंग एक प्रकार का साइबर अटैक है जो नेविगेशन सिस्टम को गुमराह करने के लिए फेक GPS सिग्नल भेजता है। ज्यादातर इसका इस्तेमाल वॉर जोन में किया जाता है, ताकि दुश्मनों के ड्रोन और विमानों को नष्ट किया जा सके।
हवाई जहाजों की ट्रैफिक पुलिस है ATC, AI इमेज से समझिए

एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) एयरपोर्ट्स पर मौजूद सेंट्रल कंट्रोलिंग सिस्टम होता है। यह हवाई जहाजों को जमीन पर, हवा में और आसमान के अलग-अलग हिस्सों में निर्देश जारी करता है। आसान भाषा में कहा जाए तो यह ट्रैफिक पुलिस की तरह ही है, लेकिन सिर्फ हवाई जहाजों के लिए।
अहमदाबाद एयरपोर्ट पर दिल्ली से आने वाली 5 फ्लाइट्स पर असर
- स्मार्टविंग्स की SG 8193 फ्लाइट तीन घंटे से ज्यादा लेट है।
- एयर इंडिया की AI 2959 फ्लाइट ढाई घंटे से ज्यादा लेट है।
- इंडिगो की बोइंग 2033 फ्लाइट दो घंटे से ज्यादा लेट है।
- अकासा एयर की QP 1334 फ्लाइट डेढ़ घंटे से ज्यादा लेट है।
- एयर इंडिया की 2715 फ्लाइट भी लेट है।
- अमृतसर एयरपोर्ट पर दिल्ली आने-जाने वाली 5 फ्लाइट्स पर असर
अमृतसर एयरपोर्ट पर दिल्ली आने-जाने वाली 5 फ्लाइट्स पर असर पड़ा है।
- इंडिगो- फ्लाइट 6ई2506- एक घंटा लेट
- एयर इंडिया फ्लाइट एआई.1884- 5 घंटा लेट
- एयर इंडिया फ्लाइट एआई496- 1:15 घंटा लेट
- इंडिगो फ्लाइट 6ई6848- 2 घंटा लेट
- एयर इंडिया एआई492- आधा घंटा लेट