पंजाब में लुधियाना के जगराओं में कबड्डी खिलाड़ी तेजपाल की शुक्रवार देर रात गोली मारकर हत्या कर दी गई। पिता के सामने ही पहले उसे पीटा और फिर गोली मारकर हत्या की दी। यह पूरी वारदात SSP ऑफिस से 250 मीटर की दूरी पर अंजाम दी गई।
तेजपाल परिवार का इकलौता बेटा था। फिलहाल, पुलिस ने मृतक के पिता की शिकायत पर 12 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। शनिवार को पंजाब कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की।
इस दौरान तेजपाल की मां बोली- हम तब तक संस्कार नही करेंगे जब तक मेरे बेटे को इंसाफ नहीं मिलता। बता दें कि वारदात के बाद पुलिस ने शव को सिविल अस्पताल में रखवा दिया था, जिसका आज पोस्टमॉर्टम होना था। मगर, परिवार शव को लेकर गांव चला गया है, जिसे सोसाइटी की ओर से लगाए गए फ्रीजर में रखा है।
वहीं, जस्सू कूम नाम के एक युवक ने फेसबुक पर एक पोस्ट डालकर इस हत्याकांड की जिम्मेदारी ली। जस्सी ने लिखा- सत श्री अकाल, सभी भाइयों और बहनों। जगराओं में कबड्डी प्लेयर तेजपाल का गोली मारकर कत्ल किया गया। उसकी जिम्मेदारी मैं जस्सू कूम और मेरा भाई बराड़ ले रहे हैं। यह कत्ल हमने अपनी पर्सनल रंजिश को लेकर किया है।
यह पोस्ट पुलिस के पास भी पहुंच गई है। पुलिस का कहना है कि इस पूरे मामले की गहनता से जांच हो रही है। जो भी तथ्य सामने आए, उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया पर डाली पोस्ट…

पहले जानिए तेजपाल के पिता ने पुलिस को क्या बताया
- ऑयल मिल में पशुओं के लिए फीड लेने गए थे: गिद्दड़विंडी निवासी रघुवीर सिंह ने पुलिस को बताया कि कि शुक्रवार को वह अपने बेटे तेजपाल के साथ उसके दोस्त प्रलाभ सिंह की कार में ऑयल मिल में खल (पशुओं के लिए फीड) लेने आए थे। ऑयल मिल से फीड लेकर जब वो खल की बोरी कार में रखने लगे तो आरोपी हनी ने उसके बेटे और बेटे के दोस्त के साथ गाली गलौज करनी शुरू कर दी।
- पिता के सामने ही सीने में मारी गोली: इसके बाद आरोपी हनी का भाई काला अपने साथ आठ-नौ लोगों को लेकर मौके पर पहुंचा और उन्होंने मारपीट करनी शुरू कर दी। इतने में हनी ने अपने डब से असलहा निकाला और तेजपाल के सीने में सीधे गोली मार दी और फरार हो गए। इसके बाद जख्मी तेजपाल को सिविल अस्पताल जगराओं ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
- 21 दिन पहले प्रलाभ सिंह से हुई थी बहस: रघुबीर सिंह ने बताया कि 21 दिन पहले तेजपाल का दोस्त प्रलाभ सिंह अपनी पत्नी और बहन के साथ शॉपिंग करने आया था। आरोपी हनी ने अपने पांच छह दोस्तों के साथ उनको घूर कर देखा था। इस पर प्रलाभ सिंह की उनके साथ बहस हो गई थी। इसी रंजिश में उन्होंने अब उन पर हमला किया और तेजपाल सिंह को जान से मार दिया
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पुलिस ने 12 लोगों के खिलाफ दर्ज की रिपोर्ट पुलिस ने मृतक के पिता रघुवीर सिंह की शिकायत पर हनी, काला, गगन और 8-9 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। साथ ही आरोपियों को पकड़ने के लिए तीन टीमों का गठन किया। एक टीम डीएसपी, दूसरी टीम सीए स्टाफ और तीसरी टीम थाना पुलिस की बनाई गई है। एसएसपी अंकुल गुप्ता ने बताया कि इस मामले में दो और आरोपियों की पहचान हो गई है। रात को टीमों ने आरोपियों के गांव में भी रेड की, लेकिन वो घर पर नहीं मिले।
एसएसपी ने आगे बताया कि जिस व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर जिम्मेदारी ली थी, वो सिर्फ पुलिस की जांच को भटकाने के लिए किया गया है। परिवार को तफ्तीश के बारे में एक एक अपडेट दी जा रही है। पुलिस परिवार के साथ पूरी तरह से खड़ी है।
कांग्रेस के प्रदेश प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग शनिवार को पीड़ित परिवार से मिले।राजा वड़िंग ने तेजपाल के घर पहुंच कर दी परिवार को सांत्वना…
वड़िंग बोले- कांग्रेस परिवार के साथ, वकील की फीस भी हम देंगे वहीं कांग्रेस के प्रदेश प्रधान व लुधियाना से सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग आज शनिवार को पीड़ित परिवार से मिले। इस दौरान तेजपाल की मां बोली- हम तब तक संस्कार नही करेंगे जब तक मेरे बेटे को इंसाफ नही मिलता। इस पर वड़िग ने कहा कि हम राजनीति नहीं करने आए है, परिवार जो परिवार फैसला करेगा हम उन के साथ खड़े है। केस मजबूती के साथ लड़ेंगे। वकील की फीस भी हम देंगे।
पंजाब की कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमराई राजा वडिंग ने कहा कि एसएसपी दफ्तर के पास दिनदिहाड़े कत्ल होना यह साबित करता है कि पंजाब की कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। उन्होंने कहा कि बदमाश खुलेआम अवैध हथियार लेकर घूम रहे हैं जबकि पुलिस चौक-चौराहों पर केवल चालान काटने में व्यस्त है। कांग्रेस सांसद ने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि इन घटनाओं के लिए राज्य सरकार ही जवाबदेह है।
गैंगस्टरों के खिलाफ नया कानून बनाना जरूरी राजा वडिंग ने गैंगस्टरवाद पर भी सख्त रुख दिखाते हुए कहा कि गैंगस्टरों के खिलाफ नया कानून बनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि “अक्सर गैंगस्टर परिवार से खुद को बेदखल करवाकर कानून से बचने का नाटक करते हैं, जबकि वही परिवार फिरौती के पैसों से ऐश करता है। ऐसे परिवारों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।”
शुक्रवार को हुई इस वारदात के बाद जगराओं से AAP विधायक सरबजीत कौर माणूके तेजपाल के घर पहुंचीं थी। उन्होंने परिवार को हर संभव मदद और जल्द ही आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया था।
कबड्डी खिलाड़ी तेजपाल, जिसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई।अब जानिए तेजपाल के खिलाड़ी बनने तक की कहानी
- घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी: गांव के लोग बताते हैं कि तेजपाल के घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। उसके पिता के पास छह एकड़ के करीब जमीन है। ऐसे में तेजपाल ने पशुपालन को अपने करियर के तौर पर चुना। उसने घर में कुछ पशु पाले हैं और दूध बेचने का काम करता था। शुक्रवार को तेजपाल अपने पशुओं के लिए खुराक लेने ही जगराओं आया था।
- बचपन में था कबूतर उड़ाने का शौक: ग्रामीणों के मुताबिक, तेजपाल सिंह को पहले कबूतर पालने का शौक था। उसने कबूतर पाले थे और उन्हें उड़ाता था। बाद में उसे कबड्डी का शौक जाग गया और उसने कबड्डी को ही अपना पैशन बना दिया। वह करीब 12 साल से कबड्डी के मैचों में हिस्सा लेते आ रहा है।
- कबड्डी में ऑलराउंडर खिलाड़ी: तेजपाल की कद-काठी काफी अच्छी थी, तो उसने खुद को पहले रेडर के तौर पर डेवलप किया। जब वह परफेक्ट रेडर बन गया तो उसने फिर स्टॉपर की प्रेक्टिस की और धीरे-धीरे अच्छा स्टॉपर भी बन गया। इसके बाद वह ऑलराउंडर बन गया। ओपन टूर्नामेंटों में कई कबड्डी क्लब और गांवों की टीमें उसे अपनी टीम से खिलाने के लिए बुलाती थीं।
- खिलाड़ी ही नहीं, नेक इंसान था तेजपाल: जगराओं सिविल अस्पताल में आए उसके गांव के लोगों ने कहा कि तेजपाल एक अच्छा खिलाड़ी होने के साथ अच्छा इंसान भी था। उन्होंने बताया कि वह किसी से झगड़ा नहीं करता था, फिर भी बदमाशों ने उसे गोली मार दी।
- एनआरआई करने थे मदद: तेजपाल की प्रतिभा देखकर गांव के एनआरआई उसे खूब मदद करते थे। एनआरआई उसे आर्थिक तौर पर भी सहयोग करते थे, ताकि वह कबड्डी में शानदार प्रदर्शन करता रहे। तेजपाल की हत्या से गांव के लोगों के साथ-साथ एनआरआई भी बेहद दुखी हैं।
- मां के सपने हुए चकनाचूर: सिविल अस्पताल समराला में पहुंचीं तेजपाल की मां ने रोते हुए कहा कि बेटा किसी से नहीं लड़ता था, आखिर उसे मारा क्यों? वह कहती रही कि जब मेरा बेटा कबड्डी में जीतकर आता था तो पूरा गांव खुश हो जाता था। अब वो कभी जीतकर नहीं आएगा, वह अपनी जिंदगी की लड़ाई हार गया। उनका कहना है कि वो अब बेटे की शादी के सपने देख रहे थे, जो कि चकनाचूर हो गए।


