प्रशोत्तम मन्नू, रामपुरा फूल(बठिंडा)।अधिक कमाई के लालच में कुछ हलवाइयों और दुकानदारों द्वारा कथित नकली दूध से लेकर पनीर और कथित घटिया क्वालिटी की दही बेचकर भोले-भाले लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। असली और बढ़िया पनीर की कीमत लगभग 400 रुपए किलो होती है, जब कि कई दुकानदार कथित तौर पर 130 रुपए वाला नकली और जान लेवा पनीर 300 रुपए किलो बेचकर बड़ा मुनाफा कमाने के साथ-साथ लोगों के स्वास्थ्य के साथ सरेआम खिलवाड़ कर रहे हैं।
रामपुरा फूल शहर में कई दुकानों पर यह नकली पनीर, दूध, दही और कथित नकली मिठाइयां बिना बिल के बेचकर 5 प्रतिशत जी.एस.टी. की चोरी करने के साथ-साथ अपनी वार्षिक सेल को 30 प्रतिशत वाली इनकम टैक्स की सलैब से भी बचाया जा रहा है। यूं तो स्वास्थ्य विभाग द्वारा खाने-पीने वाली कुछ चीजों के सैंपल भर कर कथित रूप में खाना पूर्ति की जा रही है।
यदि स्वास्थ्य विभाग सही ढंग से मिलावट खोरी पर नुकेल डालना चाहता है तो प्रत्येक दुकानदार के हर महीने एक या दो बार खुली चीजों के सैंपल जरूर भरे जाने चाहिए। प्राप्त जानकारी के अनुसार यह भी पता चला है कि कई दुकानदार तो ऐसे भी हैं जिनका लंबे समय से कभी भी सैंपल नहीं भरा गया। इस संबंध में भी जांच होनी चाहिए। इन दुकानदारों ने डेयरी के नाम पर बड़ी-बड़ी डेयरी नुमा फैक्ट्री चला रखी है जहां टनों के हिसाब से दूध, पनीर दही व नकली देशी घी कैमिकल से तैयार किया जाता है लेकिन इन बड़े मिलावटखोर व्यापारियों के खिलाफ सेहत विभाग आज तक किसी तरह की कारर्वाई करने की हिम्मत नहीं जुटा सका है। हालांकि सेहत विभाग के अधिकारियों ने कहा कि मिलावटखोरी के खिलाफ वह लगातार निगरानी रखने के साथ सख्त कारर्वाई कर रहे हैं। सिविल सर्जन डा.तपिंदरजोत सिंह ने कहा कि जिले में कुछ स्थानों पर नकली दूध, पनीर, दही व घी बनाने की शिकायतों के मद्देनजर उन्होंने जिला सेहत अधिकारियों से जांच करने के लिए कहा है व इस बाबत जल्द एक्शन लिया जाएगा व जरूरत पड़ने पर कानूनी कारर्वााई भी अमल में लाई जाएगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पनीर को तैयार करने के लिए और दही को सख्त जमाने के लिए कुछ हलवाइयों की ओर से जिन घातक कैमिकलों का प्रयोग किया जा रहा है वह स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हैं और स्लो पोएजन का काम करते हैं। शहर में अन्य कई स्थानों पर दूध, दहीं, पनीर आदी के सेल बहुत अधिक है। वही स्थानीय समाज सेवी संगठनों ने इस मामले में स्वास्थ्य विभाग को नकली पनीर और घटिया मिठाइयों की बिक्री को रोकने के लिए तुरंत ही ठोस प्रयास करने की मांग की है।
