तूफान मोन्था आंध्र तट से टकराना शुरू:हवा की रफ्तार 100kmph, समुद्री लहरों से किनारों के घर गिरे; कल सुबह ओडिशा पहुंचेगा
चक्रवात ‘मोन्था’ के असर से मछलीपट्टनम तट पर तेज हवाएं चल रही हैं। मंगिनापुडी बीच रोड पर तीन पेड़ गिरने से रास्ता बंद हो गया। दो पेड़ हटा दिए गए हैं, जबकि एक पेड़ बिजली के खंभे पर झुका हुआ है। एनडीआरएफ की 10वीं बटालियन के कमांडर ईश्वर राव गड्डे ने बताया कि टीम कल से लगातार हालात पर नजर रख रही है। उन्होंने कहा, “आज दोपहर हवा की रफ्तार बहुत बढ़ गई। हमने सिविल प्रशासन से हाइड्रा की मदद मांगी है, क्योंकि इस काम के लिए जेसीबी उपयुक्त नहीं है।”
तूफानी चक्रवात मोन्था आंध्र प्रदेश के मछलीपट्टनम तट से टकराना (लैंडफॉल प्रोसेस) शुरू हो गया है। यहां 100 kmph की स्पीड से हवा चल रही है। समुद्री लहरों से किनारों के घर गिर गए हैं।
कई इलाकों में बिजली के तार टूट गए और पोल गिर गए हैं। इससे पूरे शहर की बिजली व्यवस्था ठप है। तूफान के पूरी तरह से टकराने के बाद हवा की रफ्तार 110 kmph तक जा सकती है। इस दौरान समुद्र में 5 मीटर (16 फीट) तक ऊंची लहरें उठ सकती हैं।
तूफान मोन्था के असर की सैटेलाइट तस्वीर

52 फ्लाइट्स-120 ट्रेनें कैंसिल
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने मोन्था तूफान का केंद्र अभी आंध्र प्रदेश के मछलीपट्टनम से 90 km, काकीनाडा से 100 km और विशाखापट्टनम से 220 km दूर है, जो 17 kmph की रफ्तार से बढ़ रहा है। ओडिशा से तूफान बुधवार सुबह टकराएगा।
डिशा के मलकानगिरी में चक्रवात ‘मोन्था’ के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने गर्भवती महिलाओं के लिए खास इंतजाम किए हैं। जिन महिलाओं की डिलीवरी अगले 15 दिनों में होनी है, उन्हें सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है। इन्हें जिले के 7 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में बने ‘मां गृह’ (जन्म प्रतीक्षा गृह) में रखा जा रहा है ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत इलाज मिल सके।
#WATCH | Malkangiri, Odisha: In the view of Cyclone Montha, Malkangiri district has taken extra precautions for pregnant women, shifting those due to deliver within 15 days to Maa Gruhas (birth waiting homes) at 7 Community Health Centres. pic.twitter.com/Wc4nVSsXH8
— ANI (@ANI) October 28, 2025
इसका असर आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, बंगाल और ओडिशा के जिलों में देखा जा रहा है। इन राज्यों में 80-90 kmph तक हवा चल रही है। कई जगह पेड़ उखड़ गए हैं, समुद्र तटों पर ऊंची लहरे उठ रही हैं। चारों तटीय राज्यों के तटीय इलाकों से 50 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है।
सोमवार-मंगलवार को दक्षिण मध्य रेलवे जोन की कुल 120 ट्रेनें कैंसिल की गई हैं। इसके अलावा विशाखापट्टनम एयरपोर्ट से सभी 32 फ्लाइट्स कैंसिल कर दी गई हैं। वहीं, विजयवाड़ा एयरपोर्ट से 16 और तिरुपति एयरपोर्ट से 4 फ्लाइट्स कैंसिल की गई हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक, तूफान के असर से केरल, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और झारखंड में अगले 3 दिन तक बारिश हो सकती है।
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को चक्रवात ‘मोन्था’ को लेकर रेलवे की तैयारियों की समीक्षा की।
मंत्री ने रेलवे अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित इलाकों में ट्रेन सेवाएं समय पर रोकी जाएं, सुरक्षा उपाय बढ़ाए जाएं और जरूरत पड़ने पर यात्रियों को वैकल्पिक सुविधाएं दी जाएं। रेलवे ने हाई अलर्ट जारी कर सभी कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिए हैं।
उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
#WATCH | Khordha, Odisha: Chilika Lake becomes turbulent in Khordha district due to weather changes caused by Cyclone Montha. pic.twitter.com/MplFI0ax0G
— ANI (@ANI) October 28, 2025
तूफान मोन्था को यह नाम थाइलैंड ने दिया है। थाई भाषा में इसका अर्थ है सुगंधित फूल। मंगलवार सुबह से ही आंध्र, तमिलनाडु, बंगाल और ओडिशा के तटीय जिलों में बारिश और 90 से 110kmph की रफ्तार से आंधी चल रही है।
Vijayawada, Andhra Pradesh: NTR District Collector Laxmi Sha urged residents to stay indoors and avoid unnecessary travel as Cyclone Montha brings heavy rains and strong winds. Mandal-level teams and police personnel are actively monitoring villages, while road clearance and… pic.twitter.com/laCJ7nqDdf
— IANS (@ians_india) October 28, 2025
चक्रवात ‘मोन्था’ के असर से आंध्र प्रदेश के मछलीपट्टनम में बिजली व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है। तेज हवाओं और लगातार बारिश से कई इलाकों में बिजली के तार टूट गए और पोल गिर गए। इससे पूरा शहर अंधेरे में डूब गया है।
चक्रवात ‘मोन्था’ के असर से मछलीपट्टनम तट पर तेज हवाएं चल रही हैं। मंगिनापुडी बीच रोड पर तीन पेड़ गिरने से रास्ता बंद हो गया। दो पेड़ हटा दिए गए हैं, जबकि एक पेड़ बिजली के खंभे पर झुका हुआ है।
#WATCH | Kakinada, Andhra Pradesh: Severe cyclonic storm "Montha" to cross the Andhra Pradesh coast between Machilipatnam and Kalingapatnam around Kakinada during the next few hours with a maximum sustained wind speed of 90-100 kmph gusting to 110 kmph. pic.twitter.com/UExVonIHAm
— ANI (@ANI) October 28, 2025
एनडीआरएफ की 10वीं बटालियन के कमांडर ईश्वर राव गड्डे ने बताया कि टीम कल से लगातार हालात पर नजर रख रही है। उन्होंने कहा, “आज दोपहर हवा की रफ्तार बहुत बढ़ गई। हमने सिविल प्रशासन से हाइड्रा की मदद मांगी है, क्योंकि इस काम के लिए जेसीबी उपयुक्त नहीं है।”
VIDEO | Machilipatnam, Andhra Pradesh: Strong winds lash Manginapudi Beach as Cyclone Montha impacts the coast. NDRF Team Commander Eswar Rao Gadde says, “As everyone knows, due to Cyclone Montha, the 10th battalion team is deployed here in Machilipatnam. We’ve been monitoring… pic.twitter.com/SFjGB8FpXM
— Press Trust of India (@PTI_News) October 28, 2025
चक्रवात के तट से टकराने के दौरान हवाओं की रफ्तार 100kmph तक हो गई है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। राहत दल स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और बिजली बहाल करने का काम शुरू कर दिया गया है।
चक्रवात ‘मोन्था’ के असर से राजस्थान के कई इलाकों में भारी बारिश हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार, बूंदी जिले में पिछले 24 घंटे में सबसे ज्यादा 130 मिमी बारिश दर्ज की गई।
उदयपुर, कोटा और आसपास के जिलों में आज भी भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं अजमेर, जयपुर, भरतपुर और जोधपुर संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के आसार हैं।
मोन्था प्रभावित राज्यों की 5 तस्वीरें…




