पंजाब के मानसा में स्टेट लेवल की एक महिला पहलवान ने नशे के लिए अपना 5 माह का बच्चा बेच दिया। उसने बच्चा उन्हीं लोगों को बेचा, जिनसे वह और उसका पति नशा खरीदते थे। आरोपी दंपती गुरमन कौर व संदीप सिंह पहले हरियाणा के फतेहाबाद जिले के रतिया में रहते थे। इन्होंने रतिया में 5 लाख में सौदा किया। यहां सफल नहीं हुए।
इसके बाद दोनों पंजाब के मानसा जिले के अकबरपुर कुदाल गांव में रहने लगे। यहां एक महीने पहले अपने बेटे को 1.80 लाख रुपए में बुढलाडा के संजू व उसकी पत्नी आरती को बेच दिया।
महिला पहलवान की बहन का कहना है कि संदीप ने ही उसकी बहन गुरमन को नशे के दलदल में फंसाया। बच्चा बेचकर मिले करीब पौने 2 लाख रुपए भी नशे में ही उड़ा दिए।
बाद में महिला पहलवान की चेतना जागी तो उसने पुलिस थाने में शिकायत देकर बच्चा वापस दिलाने की गुहार लगाई है। हालांकि, बच्चे का सौदा करने के आरोप में पुलिस ने बच्चा बेचने और खरीदने वालों पर केस दर्ज कर लिया है।

गुरमन कौर की बहन ने यह कहानी बताई…
- मार्च 2024 में भागी, दो महीने बाद की शादी: गुरमन कौर की बहन रितु ने बताया कि गुरमन 10वीं कक्षा में थी और तब तक वह स्कूल से स्टेट लेवल पर कुश्ती की कई प्रतियोगिताओं में मेडल जीत चुकी थी। परीक्षाओं से पहले इंस्टाग्राम पर प्यार हुआ। मार्च 2024 में मानसा का संदीप सिंह अपने दोस्तों के साथ कार पर आया और उसे भगाकर ले गया। जब वह भागी, तब 18 साल की भी नहीं थी। इसलिए, दो महीने बाद मई 2024 दोनों ने शादी की। इसकी वजह से वह दसवीं परीक्षा भी नहीं दे पाई।
- इंस्टाग्राम पर संदीप ने उसे बड़ा घर व कार दिखाई: रितु ने बताया कि संदीप ने गुरमन को इंस्टाग्राम पर अपने घर का वीडियो, जमीन-जायदाद और कार के वीडियो भेजकर लालच दिया था कि वह उसे खुश रखेगा। शादी होते ही उसने गुरमन को चिट्टे का नशा करवाना शुरू कर दिया। 2 महीने में ही वह नशे की आदी हो गई।
- शादी के 5वें महीने में प्रेग्नेंसी का पता चला: रितु ने बताया कि गुरमन को शादी के पांचवें महीने में पता चला कि वह प्रेग्नेंट है। तब उसे डाक्टरों ने कहा कि अगर नशा करेगी तो बच्चा खराब हो जाएगा। हम उसे मायके लाए और यहां इलाज करवाया। उसने नशा छोड़ दिया था, लेकिन बच्चा पैदा होने के 27 दिन बाद ही उसके पति ने उसे नशा करवाना फिर से शुरू कर दिया।
- जिससे नशा खरीदते थे उसी को बेच दिया बच्चा: रितु का कहना है कि गुरमन और संदीप जिससे नशा लेते थे, उनके कोई बेटा नहीं था। उनकी नजर गुरमन के बच्चे पर थी। वे कई बार उन्हें कह चुके थे कि तुम नशा करते हो, तुम्हारे बस का बच्चा पालना नहीं है, इसलिए बच्चा हमें दे दो। इसके बदले पैसे दे देंगे। पहले तो ये बच्चा देने को तैयार नहीं थे, लेकिन जब नशे के लिए पैसे नहीं बचे तो उन्होंने बच्चा बेच दिया।
- पंडित ने बोला, बच्चे पर मरे हुए का साया: बच्चा बेचने के लिए खरीदारों ने पंडित की मदद से गुरमन और संदीप को तैयार करवाया था। पंडित ने उन्हें कहा कि इस बच्चे पर किसी मरे हुए व्यक्ति का साया है। इसलिए, इसे किसी और को गोद दे दो। यह बच्चा तब ठीक रहेगा। पंडित की बातों में आकर उन्होंने पैसे लेकर बच्चा बेच दिया।
- नशे की हालत में किए दोनों ने साइन: रितु बताती है कि खरीदार ने जब इनसे बच्चा लिया तो इन्हें पहले नशे में धुत किया, फिर इन्हें कचहरी ले गए। वहां इनसे एक गोदनामा बनाकर उस पर साइन करवाए। इन्हें पता ही नहीं था कि ये कहां साइन कर रहे हैं। जब घर आए और नशा उतरा तो पता चला कि उनका बच्चा उनके पास नहीं है। दिवाली से 25 दिन पहले उन्होंने बच्चा बेच दिया।
- बच्चा हमें दिया जाए, हम गुरमन का नशा छुड़ा देंगे: गुरमन की बहन का कहना है- हम प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि यह बच्चा हमें दिया जाए। हम गुरमन का इलाज करवा देंगे और तब तक परिवार बच्चे को पाल देगा। जैसे ही वह नशे की गर्त से बाहर आ जाएगी, वह अपने बच्चे का पालन-पोषण कर लेगी।

गुरमन कौर खुद क्या बता रही…
- रतिया में 5 लाख मिल रहे थे, नहीं दिया बच्चा: गुरमन कौर ने बताया कि पहले वह रतिया में रहती थी। वहां नशे के कारण बच्चा संभालने में परेशानी हो रही थी। उसके पति ने कहा कि बच्चा बेच दो। वहां 5 लाख रुपए मिल रहे थे, लेकिन उसने बच्चा देने से इनकार कर दिया।
- पुलिस पकड़ती थी तो बच्चे के कारण छोड़ देती थी: गुरमन कौर का कहना है कि उसका पति काफी समय से बच्चा बेचने का दबाव बना रहा था। उसने कहा कि पुलिस कई बार पकड़कर ले गई तो बच्चे के चक्कर में उसे छोड़ देती थी। उसने पिता को कहा कि अगर बच्चा बेचा तो फिर पुलिस पकड़ने के बाद छोड़ेगी नहीं।
- पति बोला, बच्चा संभाला नहीं जाता बेच दो: गुरमन का कहना है- मुझसे बच्चा संभाला नहीं जा रहा था। इसलिए, मेरा पति बार-बार कह रहा था कि इसे बेचे दे। ताया ससुर ने पति के सामने मंजे पर बैठकर कहा कि तुम चिट्टे में धुत रहते हो, तुमसे बच्चा नहीं पाला जाएगा। इसे किसी अच्छे घर की गोद में डाल दो। उसके बाद हमने बच्चे को 1.80 लाख रुपए में बेच दिया।
- चिट्टे में उड़ा दिए रुपए: गुरमन का कहना है कि बच्चे के बदले उन्हें 1.80 लाख रुपए मिले। इन पैसों से अलमारी, बेड, सोफा लिया और बाकी चिट्टे में उड़ा दिए। थोड़े अपने लिए कपड़े लिए। पैसे खत्म हो गए। अब फिर उनके पास पैसे नहीं हैं।
बच्चे के सौदे पर दोनों पक्ष क्या कह रहे…
- महिला का पति बोला- नशे धुत थे, साइन करवा लिए: गुरमन कौर के पति संदीप सिंह का कहना है- जिनसे हम नशा लेते थे, उनकी बेटियां ही बेटियां हैं। उनका बेटा नहीं है, इसलिए वे कई दिन से मुझे लालच दे रहे थे कि बेटा दे दे। उन्होंने पैसे का लालच दिया। मैंने हामी भरी तो वे दूसरे दिन ही बच्चा ले गए और उसके बाद उन्होंने हमें चिट्टा दिया। चिट्टा लगाने के बाद नशे में धुत हो गए। फिर उन्होंने कहां साइन करवाए, पता नहीं चला।
- बच्चा लेने वाला परिवार बोला- पालने के लिए लिया: वहीं, गंगाराम और ज्योति ने बताया कि बच्चे के माता-पिता नशे के आदी हैं। वे बच्चे को मंदिर में लेकर आए थे और कह रहे थे कि वे उसका पालन-पोषण नहीं कर सकते। ज्योति ने बताया कि उसके भाई की तीन बेटियां हैं। उसका बेटा नहीं है। इसलिए, उन्होंने इस बच्चे को पालन-पोषण के लिए गोद लिया। गंगाराम और ज्योति ने दावा किया कि उनके पास गोद लेने की वीडियो और फोटो भी है।
शिकायत के बाद मामला सामने आया बरेटा पुलिस को दी शिकायत में गुरमन कौर ने कहा कि उसके पति और सास ने उसके 5 महीने के बच्चे को 1 लाख 80 हजार रुपए में बेच दिया। गुरमन कौर ने पुलिस से अपने बच्चे को वापस दिलाने की मांग की, ताकि वह उसका पालन-पोषण कर सके। गुरमन की शिकायत के बाद इस मामले का खुलासा हुआ।
थाना बरेटा में बच्चा बेचने व खरीदने वालों पर पर्चा दर्ज गुरमन की बहन रितु वर्मा की शिकायत पर पुलिस ने बच्चा बेचने वाले संदीप सिंह, गुरमन कौर और बच्चा खरीदने वाले संजू व आरती के खिलाफ मामला दर्ज कर दिया है। पुलिस ने बीएनएस की धारा 143(4) के तहत केस बनाया है।

पुलिस करवा चुकी दोनों का इलाज बुढलाड़ा के DSP सिकंदर सिंह ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने बच्चे को बेचे जाने की बात से इनकार किया, लेकिन मामले की जांच की जा रही है। डीएसपी ने यह भी बताया कि बच्चे के माता-पिता नशे के आदी हैं और पुलिस पहले भी उनका इलाज करवा चुकी है।
गोद लेने वाले परिवार ने करवाया बच्चे का इलाज DSP के अनुसार, इस परिवार ने दूसरे परिवार को बच्चा गोद दिया है, जिसकी लिखित सहमति गोद लेने वाले परिवार के पास है। उन्होंने बताया कि बच्चा पहले बीमार था और गोद लेने वाले परिवार ने उसका इलाज भी करवाया है। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जांच कर रही है।
पुलिस ने बच्चे को भेजा बालघर गुरमन कौर की बहन रितु बच्चे की कस्टडी मांग रही थी, लेकिन पुलिस ने फिलहाल बच्चे को जिला बाल भलाई कमेटी मानसा को सौंप दिया है। कमेटी ने बच्चे को मानसा के बाल घर में भेज दिया है। कानूनी प्रक्रिया तक बच्चा वहीं पर रहेगा।
