अमेरिका में ‘नो-किंग’ प्रोटेस्ट, 70 लाख लोग जुटे:2600 रैलियां निकलीं; ट्रम्प ने AI वीडियो शेयर किया, फाइटर जेट से प्रदर्शनकारियों पर मल गिराया
अमेरिका में शनिवार को राष्ट्रपति ट्रम्प के खिलाफ सबसे बड़ा प्रदर्शन हुआ। इस प्रदर्शन में देश के अलग-अलग शहरों में 2600 से ज्यादा रैलियां निकाली गईं। इन रैलियों में करीब 70 लाख लोगों ने हिस्सा लिया।

इन प्रदर्शनों को ‘नो किंग्स’ प्रोटेस्ट नाम दिया गया है। दरअसल प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि ट्रम्प के शासन में देश तेजी से तानाशाही की ओर बढ़ रहा है। इससे पहले जून में हुए पहली ‘नो किंग्स’ प्रदर्शन के दौरान लगभग 2100 जगह रैलियां निकाली गई थीं।
न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर, बोस्टन, अटलांटा और शिकागो के पार्कों में भारी भीड़ जुटी। वॉशिंगटन, लॉस एंजिल्स और कई रिपब्लिकन शासित राज्यों में भी लोग सड़कों पर उतरे। रिपब्लिकन पार्टी ने इन प्रदर्शनों को हेट अमेरिका रैली (अमेरिका से नफरत करने वाले प्रदर्शन) करार दिया।
ट्रम्प ने ‘नो किंग्स’ प्रोटेस्ट का जवाब एक AI-जनरेटेड वीडियो से दिया है। उन्होंने अपने ट्रुथ सोशल पर एक 20 सेकेंड का वीडियो शेयर किया है, जिसमें वो एक फाइटर जेट पायलट के रूप में नजर आए। उनके जेट पर ‘किंग ट्रम्प’ लिखा था। वीडियो में ट्रम्प प्रदर्शनकारियों पर मल गिराते दिख रहे हैं।
ट्रम्प का AI-जनरेटेड वीडियो…
😂🤣😂👑✈️pic.twitter.com/3nUD6aOvhj
— Commentary Donald J. Trump Posts From Truth Social (@TrumpDailyPosts) October 19, 2025
नो किंग्स प्रदर्शन से जुड़ी 7 फोटोज…







ट्रम्प के कार्यकाल में तीसरा बड़ा विरोध प्रदर्शन
राष्ट्रपति ट्रम्प के कार्यकाल में हुआ यह तीसरा बड़ा प्रदर्शन है। खास बात यह है कि इस वक्त अमेरिका में शटडाउन लगा हुआ है। कई सरकारी सेवाएं ठप हैं। ट्रम्प प्रशासन के ताकतवर रवैये को लेकर संसद और न्यायपालिका के साथ टकराव बढ़ गया है।
ट्रम्प वीक एंड पर अपने फ्लोरिडा स्थित घर मार-ए-लागो में थे। एक टीवी इंटरव्यू में उन्होंने कहा,
वे मुझे राजा कह रहे हैं, लेकिन मैं कोई राजा नहीं हूं।

बाद में उनकी सोशल मीडिया टीम ने एक वीडियो जारी किया, जिसमें ट्रम्प को राजा के रूप में दिखाया गया था।
Team Trump troll No Kings to Bocelli's Wings of freedom pic.twitter.com/i1DCSItatH
— RT (@RT_com) October 19, 2025
ट्रम्प के खिलाफ प्रदर्शनकारियों ने नाराजगी जताई
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने लोकतंत्र, न्याय और सत्ता के दुरुपयोग के खिलाफ अपनी आवाज उठाई। ह्यूस्टन में अमेरिकी मरीन कोर के पूर्व सैनिक डैनियल गेमेज ने कहा, “मैं समझ नहीं पा रहा कि देश में अभी क्या हो रहा है।”
इंडिविजिबल संगठन की को-फाउंडर लिया ग्रीनबर्ग ने कहा,
शांति से विरोध जताना और यह कहना कि हमारे पास कोई राजा नहीं है, यही अमेरिकी लोकतंत्र की पहचान है।

न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर में प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन किया। पुलिस ने बताया कि कोई गिरफ्तारियां नहीं हुईं, जबकि पूरे शहर में 1 लाख से ज्यादा लोग शामिल थे। बोस्टन, फिलाडेल्फिया, अटलांटा, डेनवर, शिकागो और सिएटल में भी हजारों लोग इकट्ठा हुए।
लॉस एंजिल्स के आसपास दर्जनों रैलियां हुईं। सिएटल में लोग शहर के स्पेस नीडल के पास करीब डेढ़ किमी लंबी परेड में शामिल हुए। सैन डिएगो में 25,000 से अधिक लोग शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल हुए।
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