बठिंडा। इलैक्ट्रोहोम्योपैथी फाउडेंशन पंजाब की तरफ से गत दिवस बठिंडा के होटल प्लाम स्प्रीग में इलेक्ट्रो होम्योपैथी चिकित्सा को प्रफुल्लित करने के लिए एथेंटिक क्लीनिक डाटा आवार्ड-2025 का आयोजन किया गया। इसमें डाक्टरों ने अपनी तरफ से अब तक इलैक्ट्रोहोम्योपैथी में की प्रैक्टिस व इसमें साइटिफिक तरीके से हासिल किए परिणामों के बारे में विस्तार से जानकारी दी व इस दौरान डैटा भी शेयर किया। वही समूह डाक्टर्स की तरफ से अपने एक्सपीरियंस भी शेयर किए। इलैक्ट्रोहोम्योपैथी फाउडेंशन के राष्ट्रीय प्रधान परमिंदर पांडे समारोह में मुख्यातिथिके तौर पर उपस्थित रहे।
वही इलैक्ट्रोहोम्योपैथी फाउंडेशन के नेशनल वाइस प्रेसिडेंट प्रो. डा. हरविदर सिंह ने इस दौरान इलेक्ट्रो होम्योपैथी चिकित्सा की गंभीर बीमारियों के निदान पर प्रकाश डाला। उन्होंन कहा कि कैंसर, ओवरियन सिस्ट, गाल ब्लैडर स्टोन, हैपेटाइटिस सी, किडनी, लीवर आदि की गंभीर बीमारियों में उक्त पैथी से इलाज के सार्थक परिणाम निकले हैं। इस दौरान सीसीएम इंस्टीट्यूट व अस्पताल की डायरेक्टर डा. वरिदर कौर, सीईओ डा. परमिदर सिंह ने दर्जनों उदाहारण पेश किए। सीसीएम इंस्टीट्यूट व अस्पताल की डायरेक्टर डा. वरिदर कौर ने उपस्थित लोगों का स्वागत किया व इलैक्ट्रोहोम्योपैथी में मिले रहे आश्चर्यजनक परिणामों के बारे में विस्तार से जानकारी दी व इस बाबत लोगों को भी जागरुक कर सेहतमंद समाज बनाने के लिए काम करने को प्रेरित किया।

इस मौके डा. बलजीत सिंह, डा. आत्मा सिंह लुधियाना, डा.जसवीर सिंह जस्सी, डा. विक्रम सिंह, डा. राजविदरसिंह, डा. ईशू जिदल, डा. जगजीत सिंह हनुमानगढ़, डा. सुखजिदर सिंह फिरोजपुर, डा. सिमरन कौर लुधियाना आदि ने अपने एक्सपीरियंस खास तौर पर शेयर किए। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि 114 पेड़-पौधों के अर्क(स्पेजरिक एसेंस) पर आधारित उक्त इलेक्ट्रो होम्योपैथी शरीर में रक्त और रस में आई अशुद्धियों को दूर कर रोग का जड़ से निदान करती है।
इस कार्यक्रम में इलेक्ट्रो होम्योपैथी फाउंडेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. प्रो. हरविंदर सिंह (मैनेजिंग डायरेक्टर, अलकैमी फार्मा, बठिंडा, पंजाब) और राष्ट्रीय प्रधान सुरेन्द्र पांडेय ने खास तौर पर हाजिर डाक्टर्स को सम्मानित किया। इस मौके डॉ. प्रो. हरविंदर सिंह ने कहा इलेक्ट्रो होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति को रैकोनाइजेशन को लेकर इलेक्ट्रो होम्योपैथी फाउंडेशन ने आईडीसी की ओर से सभी सातो क्राईटेरिया को लेकर दस्तावेज सबमिट कर दिए हैं। वही इस बाबत साइटिफिक डैटा भी पूरा कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि उन्हें यकीन है कि इलेक्ट्रो होम्योपैथी की लंबें समय से चली आ रही मान्यता (रैकोनाइजेशन) की मांग पूरी हो जाएगी। इस मौके डॉ. हरविंदर सिंह ने दोहराया कि इलेक्ट्रो होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति से हर लाइलाज़ बिमारी का इलाज संभव हैं। उन्होंने कहा कि इस बाबत आईडीसी को साइंटिफिक रिसर्च डाटा उपलब्ध कराया गया है। सरकार को दर्जनों गंभीर बीमारियों में आश्चर्यजनक रिजल्ट के भी पुख्ता प्रमाण दिए गए हैं। इलेक्ट्रो होम्योपैथी फाउंडेशन के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. सुरेन्द्र पांडेय (देश के पहले इलेक्ट्रो होम्योपैथी पर पीएचडी करने वाले शख्स) ने कहा कि परमिंदर पांडेय ने सालों पहले इलेक्ट्रो होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति को रैकोनाइजेशन को लेकर संघर्ष का बीड़ा उठाया था। वह संघर्ष जल्द ही पूरा होने जा रहा है। उन्होंने कहा ई.एच.एफ देश की सबसे बड़ी संस्था है। देश के 24 राज्यों में इसकी इकाईयां है।
