पंजाब CM ने सिंगर मनकीरत से की बातचीत:बाढ़ में किए जा रहे कार्यों की तारीफ की; गडकरी ने दिए हाईवे सुधारने के निर्देश

पंजाब के सभी 23 जिले बाढ़ की चपेट में हैं। भले ही डैमों का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे चला गया हो, लेकिन प्रदेश में 2 हजार से ज्यादा गांव डूबे हैं। सरकार, प्रशासन और समाजसेवी संस्थाएं लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।

पंजाब सीएम भगवंत मान ने अस्पताल से बाढ़ प्रभावितों के लिए अच्छा काम करने पर पंजाबी सिंगर मनकीरत औलख से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बातचीत की। इस दौरान सीएम ने पूछा क्या हाल चाल है, वहीं, मनकीरत ने कहा की चढ़दी कलां है। सीएम ने उनके प्रयास की सराहना की है।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने आज बाढ़ से नेशनल हाईवे को हुए नुकसान को लेकर अधिकारियों से मीटिंग की। इसमें उन्होंने अधिकारियों को साफ कहा है कि पहल के आधार पर हाईवे सुधारे जाएं। भविष्य में इन चीजों को रोकने के लिए प्लान तैयार करें।

वहीं हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी ने बुधवार को पंजाब में बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत सामग्री से लदे 20 ट्रक भेजे। इनमें खाद्य सामग्री, पशुओं के लिए चारा, दवाइयां और अन्य आवश्यक सामान है। हरियाणा पहले भी 15 ट्रक राहत सामग्री भेज चुका है।

मंगलवार को पीएम मोदी ने पंजाब के बाढ़ग्रस्त इलाकों का हवाई सर्वे कर प्रदेश को 1600 करोड़ रुपए देने का ऐलान किया। इस पर राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि प्रधानमंत्री ने 1600 करोड़ रुपए की टोकन राशि देने की घोषणा की है। बाकी राशि का भुगतान अलग-अलग एजेंसियों के असेसमेंट के बाद किया जाएगा। पंजाब को 100% मुआवजा मिलेगा। प्रधानमंत्री ने यह सुनिश्चित किया है कि कोई कमी न हो।

तरनतारन और नवांशहर एरिया में धुस्सी बांधों को मजबूत करतीं सेना और प्रशासन की टीमें।
तरनतारन और नवांशहर एरिया में धुस्सी बांधों को मजबूत करतीं सेना और प्रशासन की टीमें।

महिला ने रेस्क्यू सेंटर में बच्चे को दिया जन्म

फाजिल्का में बाढ़ प्रभावित एरिया में एक महिला ने स्कूल में बनाए गए रेस्क्यू सेंटर में बच्चे को जन्म दिया है। महिला पहले से 3 बच्चों की मां है। उसने बच्चे का नाम मनकीरत सिंह रखा।

रूपनगर के दाऊदपुर गांव में 2 धुस्सी बांधों को सेना और स्थानीय लोगों की मदद से बचा लिया गया। DC वरजीत वालिया ने बताया कि दोनों बांधों को स्थायी रूप से मजबूत करने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। लुधियाना में इस साल सतलुज के किनारे 350 एकड़ खेत पानी में डूब चुके हैं।

फसलों को हुए नुकसान का सही आकलन करने के लिए विशेष गिरदावरी शुरू कर दी गई है। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि अगले 72 घंटे में यह पता चल जाएगा कि बाढ़ से कितनी फसलें तबाह हुईं।

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