नेपाल के बाद फ्रांस में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन:बजट कटौती के विरोध में 1 लाख लोग सड़क पर; 80 हजार पुलिसकर्मी तैनात, 200 उपद्रवी गिरफ्तार

फ्रांस की राजनीति में बजट हमेशा टकराव का बड़ा कारण रहा है। हर साल इसके जरिए यह तय होता है कि सरकार किन क्षेत्रों पर खर्च बढ़ाएगी और कहाँ कटौती करेगी, और यही सत्ता पक्ष व विपक्ष के बीच खींचतान की जड़ बनता है। पिछले साल 2024 में भी यही हुआ। प्रधानमंत्री मिशेल बार्नियर ने संसद में बजट पेश किया, लेकिन उस पर भारी विवाद खड़ा हो गया। वामपंथी दलों ने आरोप लगाया कि बजट गरीब और आम जनता के खिलाफ है, क्योंकि इसमें सामाजिक कल्याण योजनाओं में कटौती की गई है। दूसरी तरफ दक्षिणपंथी दलों को शिकायत थी कि टैक्स और वित्तीय नीतियां उनके हितों पर चोट करती हैं। आम तौर पर एक-दूसरे के धुर विरोधी ये दोनों खेमे इस बार सरकार के खिलाफ एकजुट हो गए। उन्होंने संसद में अविश्वास प्रस्ताव लाकर कहा कि बार्नियर की सरकार अब भरोसे के लायक नहीं रही। दिसंबर 2025 में हुए मतदान में सरकार अल्पमत में आ गई और प्रस्ताव पास हो गया। इसके साथ ही बार्नियर की सरकार गिर गई और राष्ट्रपति को नया प्रधानमंत्री चुनना पड़ा।

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राजधानी पेरिस में बुधवार सुबह प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प हुई। - Dainik Bhaskar

नेपाल के बाद अब फ्रांस में भी सरकार के विरोध में प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। बजट में कटौती के खिलाफ और राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के इस्तीफे की मांग को लेकर 1 लाख से ज्यादा लोग बुधवार को सड़क पर आ गए।

गृह मंत्री ब्रूनो रेतेयो ने बताया,

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प्रदर्शनकारियों ने रेन शहर में एक बस को आग लगा दी। दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र में एक बिजली लाइन को नुकसान पहुंचने के बाद ट्रेन सेवाएं रोक दी गईं।

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गृह मंत्री ने प्रदर्शनकारियों पर विद्रोह का माहौल बनाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। फ्रांस बंद का आह्वान लेफ्ट पार्टियों ने किया है। इस प्रदर्शन को ‘ब्लॉक एवरीथिंग’ नाम दिया गया।

सरकार ने 80 हजार पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया है। अब तक 200 से ज्यादा उपद्रवी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर आगजनी कर ट्रैफिक को रोकने की कोशिश की, जिसे पुलिस और दमकलकर्मियों ने हटाया।
प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर आगजनी कर ट्रैफिक को रोकने की कोशिश की, जिसे पुलिस और दमकलकर्मियों ने हटाया।

प्रदर्शन की 4 वजह

  • राष्ट्रपति मैक्रों की नीतियां: जनता के एक बड़े वर्ग को लगता है कि मैक्रों की नीतियां आम लोगों के हितों के खिलाफ हैं और अमीर वर्ग को फायदा पहुंचाती हैं।
  • बजट में कटौती: सरकार ने खर्चों में कटौती और कल्याणकारी योजनाओं में कमी कर आर्थिक सुधार लागू किए हैं। इससे आम जनता खासकर मध्यमवर्ग और श्रमिक वर्ग पर दबाव बढ़ा है।
  • 2 साल में 5 पीएम: हाल ही में सेबास्टियन लेकोर्नू को प्रधानमंत्री बनाया गया है। यह दो साल से भी कम समय में पांचवें प्रधानमंत्री हैं। इससे लोगों में अस्थिरता और असंतोष बढ़ गया है। प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि उनकी नियुक्ति की शुरुआत से ही सरकार पर दबाव बनाया जाए।
  • ‘ब्लॉक एवरीथिंग’ आंदोलन: वामपंथी गठबंधन और जमीनी संगठनों ने इस नारे के साथ आंदोलन शुरू किया है ताकि देश में सबकुछ ठप करके सरकार को झुकने पर मजबूर किया जा सके।

ये प्रदर्शन ऐसे समय हो रहे हैं, जब फ्रांस के नए प्रधानमंत्री, सेबास्टियन लेकोर्नू अपना कार्यभार संभालने जा रहे हैं। एक दिन पहले फ्रांस्वा बायरू ने अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के बाद राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को अपना इस्तीफा सौंप दिया था।

फ्रांस में विरोध प्रदर्शन की 10 तस्वीरें…

बुधवार को सरकार के खिलाफ उतरे उपद्रवियों ने राजधानी पेरिस में पुलिस पर डस्टबिन फेंके।
बुधवार को सरकार के खिलाफ उतरे उपद्रवियों ने राजधानी पेरिस में पुलिस पर डस्टबिन फेंके।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को कंट्रोल करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को कंट्रोल करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े।
उपद्रवियों ने बुधवार को राजधानी पेरिस की सड़कों पर आगजनी की। कई बसों को जला दिया।
उपद्रवियों ने बुधवार को राजधानी पेरिस की सड़कों पर आगजनी की। कई बसों को जला दिया।
फ्रांस के उत्तर-पश्चिमी शहर कैएन में प्रदर्शनकारियों ने कैडिक्स वायाडक्ट को जाम करने के लिए आग लगा दी।
फ्रांस के उत्तर-पश्चिमी शहर कैएन में प्रदर्शनकारियों ने कैडिक्स वायाडक्ट को जाम करने के लिए आग लगा दी।
टूलूज शहर में बुधवार को प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई। इस दौरान दंगा-रोधी पुलिस बल को स्थिति संभालने के लिए तैनात किया गया।
टूलूज शहर में बुधवार को प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई। इस दौरान दंगा-रोधी पुलिस बल को स्थिति संभालने के लिए तैनात किया गया।
मार्सेय शहर में बुधवार को एक प्रदर्शनकारी छात्रा ने सड़क जाम करने के लिए कूड़ेदान पर बैठकर विरोध किया।
मार्सेय शहर में बुधवार को एक प्रदर्शनकारी छात्रा ने सड़क जाम करने के लिए कूड़ेदान पर बैठकर विरोध किया।
बुधवार को दक्षिणी फ्रांस के मार्सिले में रोड ब्लॉक करने के लिए प्रदर्शनकारी गद्दा लेकर आए।
बुधवार को दक्षिणी फ्रांस के मार्सिले में रोड ब्लॉक करने के लिए प्रदर्शनकारी गद्दा लेकर आए।
बुधवार से शुरू हुए प्रदर्शन में लोगों ने राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और एलवीएमएच के सीईओ बर्नार्ड अर्नाल्ट के विरोध में पोस्टर लहराए।
बुधवार से शुरू हुए प्रदर्शन में लोगों ने राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और एलवीएमएच के सीईओ बर्नार्ड अर्नाल्ट के विरोध में पोस्टर लहराए।
प्रदर्शन में शामिल एक उपद्रवी ने आंसू गैस की कैन को वापस पुलिस की तरफ फेंका।
प्रदर्शन में शामिल एक उपद्रवी ने आंसू गैस की कैन को वापस पुलिस की तरफ फेंका।
पेरिस में एक स्कूल के पास कचरा जलाकर कर रोड को ब्लॉक कर दिया गया। दमकल कर्मियों ने आग पर काबू करके ब्लॉक हटाया।
पेरिस में एक स्कूल के पास कचरा जलाकर कर रोड को ब्लॉक कर दिया गया। दमकल कर्मियों ने आग पर काबू करके ब्लॉक हटाया।

पेरिस में बुधवार को श्रम मंत्रालय के बाहर सैकड़ों कर्मचारियों ने वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।

सीजीटी यूनियन के नेता अमार लाघा ने कहा कि 10 साल काम करने के बाद भी कर्मचारियों को 1600 यूरो नेट से ज्यादा वेतन नहीं मिलता।

औशां, कार्फूर और मोनोप्रिक्स जैसी कंपनियों के कर्मचारी इसमें शामिल हुए। यूनियनों को उम्मीद है कि यह प्रदर्शन 18 सितंबर की राष्ट्रीय हड़ताल का रास्ता बनाएगा।

फ्रांस में जारी सरकार विरोधी प्रदर्शनों को वामपंथी राजनीतिक दलों का भी समर्थन मिल रहा है। वामपंथी पार्टी फ्रांस अनबाउड के नेता जां-ल्यूक मेलेंशों ने अगस्त में ही इस आंदोलन का समर्थन किया था। अब इससे अन्य वामपंथी दल भी जुड़ गए।

दो प्रमुख मजदूर संघठनों ने प्रदर्शन में हिस्सा लेने की घोषणा की है। हालांकि ज्यादातर यूनियन 18 सितंबर को होने वाली राष्ट्रीय हड़ताल का इंतजार कर रही हैं।

फ्रांस के नए प्रधानमंत्री सेबास्टियन लेकोर्नू ने विरोध प्रदर्शन के बीच बुधवार को पदभार संभाला लिया है। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के करीबी और पूर्व रक्षा मंत्री लेकोर्नू पिछले दो सालों में पांचवें प्रधानमंत्री बने हैं।

लेकोर्नू प्रधानमंत्री निवास पर पहुंचे, जहां उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री फ्रांस्वा बायरू से मुलाकात की। बायरू को संसद ने बजट घाटा कम करने की योजना को लेकर असहमति के चलते पद से हटा दिया था।

उपद्रवियों ने पेरिस के रेलवे स्टेशन में घुसने की कोशिश की

पेरिस पुलिस ने बताया है कि करीब एक हजार प्रदर्शनकारियों ने गारे दु नॉर्ड रेलवे स्टेशन में जबरन घुसने की कोशिश की।

पुलिस मुख्यालय के मुताबिक इस कोशिश को नाकाम कर दिया गया और स्थिति को काबू में ले लिया गया।

 

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