पंजाब के नए CM का ऐलान:दलित नेता चरणजीत चन्नी नए मुख्यमंत्री होंगे, सुखजिंदर रंधावा और ब्रह्म मोहिंद्रा बनेंगे डिप्टी CM; कल सुबह 11 बजे शपथ ग्रहण

0 1,000,337

चन्नी के कांग्रेस विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद कांग्रेस के प्रभारी हरीश रावत उन्हें लेकर राज्यपाल से मिलने पहुंचे। नवजोत सिंह सिद्धू और सुखजिंदर सिंह रंधावा भी उनके साथ गए। इस मुलाकात के बाद चरणजीत चन्नी ने कहा कि सोमवार सुबह 11 बजे शपथ ग्रहण होगा।

चरणजीत सिंह चन्नी चमकौर साहिब से लगातार 3 बार विधायक बने। 2007 में उन्होंने निर्दलीय चुनाव जीता था। इसके बाद 2 बार कांग्रेस की टिकट पर MLA बने। 2015 से 2016 तक पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता रहे। 2017 में कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार में उन्हें टेक्निकल एजुकेशन और इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग मंत्री बनाया गया था। अमरिंदर सिंह के खिलाफ अगस्त में हुई बगावत की अगुआई करने वालों में चन्नी प्रमुख थे। उन्होंने कहा था कि पंजाब के मुद्दों को हल करने के लिए हमें अमरिंदर पर भरोसा नहीं रहा।

CM के लिए रंधावा के नाम पर सिद्धू राजी नहीं हुए
सूत्रों के मुताबिक, इससे पहले CM के लिए सुखजिंदर सिंह रंधावा (सुक्खी) के नाम पर सहमति बन गई थी, लेकिन नवजोत सिद्धू उनके नाम पर राजी नहीं थे। सिद्धू ने खुद को CM बनाने का दावा ठोंका था, लेकिन वे पंजाब कांग्रेस के प्रधान हैं, इसलिए हाईकमान ने उनके नाम को हरी झंडी नहीं दी। इसके बाद सिद्धू खेमे ने दलित मुख्यमंत्री बनाने की बात कही। सिद्धू की तरफ से चन्नी का नाम रखने के पीछे खास वजह है। दरअसल, सिद्धू ऐसा CM चाहते हैं जो उनकी बात सुने, लेकिन सुखजिंदर रंधावा का स्वभाव उस तरह का नहीं है।

सुखजिंदर सिंह रंधावा (बाएं), कैप्टन अमरिंदर सिंह (दाएं) के मंत्रिमंडल में सहकारिता और जेल मंत्री रह चुके हैं।
सुखजिंदर सिंह रंधावा (बाएं), कैप्टन अमरिंदर सिंह (दाएं) के मंत्रिमंडल में सहकारिता और जेल मंत्री रह चुके हैं।

चन्नी के बहाने कांग्रेस का 32% दलित वोट बैंक पर निशाना
चन्नी के सहारे कांग्रेस ने पंजाब में 32% दलित वोट बैंक पर निशाना साधा है। इसके अलावा अकाली दल के दलित डिप्टी सीएम बनाने के चुनावी वादे का भी तोड़ निकाल लिया। भाजपा ने भी दलित CM बनाने का वादा किया था। आम आदमी पार्टी दावा करती थी कि उन्होंने पंजाब विधानसभा में दलित नेता हरपाल चीमा को विपक्ष का नेता बनाया है। कांग्रेस ने अपने इस दांव से सभी दलों को सियासी पटखनी दे दी है।

दो डिप्टी CM के फॉर्मूले पर इसलिए किया विचार
पंजाब में दो डिप्टी CM बनाने के फॉर्मूले का विचार इसलिए आया कि अगर किसी हिंदू चेहरे को CM बनाया जाता है तो फिर एक जट सिख और एक दलित को डिप्टी CM बनाया जा सकता है। अगर सिख को CM बनाया जाता है तो फिर एक हिंदू और एक दलित नेता को डिप्टी CM बनाया जा सकता है। इस फॉर्मूले के जरिए कांग्रेस विरोधियों और खासकर अकाली दल के एक हिंदू और एक दलित को डिप्टी CM बनाने के चुनावी वादे का भी तोड़ निकाल सकती है।

नए CM के ऐलान से पहले चंडीगढ़ स्थित पंजाब कांग्रेस भवन में हलचल बढ़ गई है।
नए CM के ऐलान से पहले चंडीगढ़ स्थित पंजाब कांग्रेस भवन में हलचल बढ़ गई है।

पंजाब में नया मुख्यमंत्री चुनने में क्यों हुई देरी
कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस्तीफे के बाद पंजाब के नए मुख्यमंत्री पर फैसला शनिवार रात को ही विधायक दल की बैठक में होना था और कांग्रेस के पूर्व प्रधान सुनील जाखड़ का CM बनना लगभग तय माना जा रहा था। इसी बीच अचानक पंजाब के सिख स्टेट होने की वजह से सिख चेहरे की मांग शुरू हो गई और कांग्रेस हिंदू और सिख चेहरे के चक्कर में उलझ गई।

मनप्रीत बादल की भूमिका महत्वपूर्ण
इस बात की चर्चा गर्म है कि पूरे विवाद को निपटाने में मनप्रीत बादल की भूमिका महत्वपूर्ण रही। मुख्यमंत्री के रूप में चुने जाने के बाद चरणजीत सिंह चन्नी पहले मनप्रीत सिंह बादल के घर पहुंचे। उन्हें साथ लेकर राज्यपाल से मिलने पहुंचे। इस बात की भी चर्चा है कि नवजोत सिंह सिद्धू ने खुद मुख्यमंत्री बनने की दावेदारी ठोकी और हाईकमान पशोपेश में था तो मनप्रीत सिंह बादल ने ही बीच का रास्ता निकाला।

राहुल और कैप्टन ने दी बधाई

मुख्यमंत्री चुने जाने के बाद चरणजीत सिंह चन्नी को बधाई देने वालों का तांता लग गया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उन्हें बधाई देते हुए ट्वीट किया कि नई जिम्मेदारियों के लिए बधाई। हम अब लगातार पंजाब के लोगों से किए वादों को पूरा करते रहेंगे। उनका विश्वास ही हमारे लिए महत्वपूर्ण है। वहीं कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी बधाई देते हुए ट्वीट किया। उन्होंने कहा कि मैं आशा करता हूं कि चन्नी सीमांत राज्य पंजाब की सुरक्षा और सीमा पार से लोगों को लगातार मिल रहीं धमकियों के प्रति भी लोगों का बचाव करेंगे।

Leave A Reply

Your email address will not be published.