सिर पर चढ़ा था लाखों का कर्ज वही देखते थे बड़े साहब के सपने, मेहनत की जगह चुना जालसाजी का राह, घर में छापने लगे नकली नोट

-हरियाणा के डबवाली निवासी दो दोस्तों को साढ़े 9 लाख रुपये की नकली करंसी समेत किया काबू -दस दिन पहले ही शुरू किया था नकली नोट छापने का काम, अभी छोटी दुकानों पर चला रहे थे करंसी

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बठिंडा. सीआईए स्टाफ वन की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर हरियाणा के डबवाली शहर निवासी दो दोस्तों को साढ़े नौ लाख रुपये की नकली करंसी समेत गत सांय गिरफ्तार किया। जिनकी पहचान वार्ड नंबर 11 कालोनी रोड मंडी डबवाली हरियाणा निवासी पंकज कुमार व वार्ड नंबर 16 ट्रस्ट पार्क वाली गली मंडी डबवाली हरियाणा निवासी सोनू कुमार के तौर पर हुई। पकड़े गए दोनों आरोपितों से पुलिस ने नोट छापने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक कलर प्रिंटर भी बरामद किया है। पुलिस के मुताबिक पकड़े गए आरोपितों ने दस दिन पहले ही यह काम यूट्यूब पर देखकर शुरू किया था, चूकिं पकड़े गए एक आरोपित पंकज कुमार पर करीब सात लाख रुपये का कर्ज था और उसने उक्त कर्ज उतारने के लिए यह रास्ता अपनाया और अपने दोस्त सोनू के साथ मिलकर घर में ही नकली नोट छापने शुरू कर दिए।

मामले की जानकारी देते हुए एसपी गुरबिंदर सिंह संघा ने बताया कि उक्त लोग फिलहाल दुकानों व पंट्रोल पंपों पर छोटी संख्या में नकली करंसी चला रहे थे। अब तक वह मार्केट में करीब 15 हजार रुपये की करंसी चला चुके है, जबकि बाकी करंसी इन्होंने त्यौहारी सीजन में चलानी थी। नकली करंसी चलाने का तरीका यह था कि किसी को दो हजार रुपये देने है, तो उसमें 500 रुपये के नकली नोट शामिल कर देते थे, ताकि पैसे लेने वाले को कोई शक ना हो सके। एसपी संघा का दावा है कि इन लोगों ने किसी अपराधिक व्यक्ति को नकली करंसी सप्लाई नहीं की है, लेकिन फिर भी पुलिस ने आरोपितों का पुलिस रिमांड लेकर पूछताछ कर रही है, ताकि पता चल सके कि अब तक इन्होंने किन-किन लोगों को करंसी सप्लाई की है और आगे किस-किस को करनी थी।

एक धार्मिक बुक शॉप, तो दूसरा जूतियां बनाने का करता है काम

सीआईए स्टाफ वन के इंचार्ज इंस्पेक्टर अमृतपाल सिंह भाटी ने बताया कि पकड़े गए दोनों आरोपितों पर पहले कोई भी मामला दर्ज नहीं है,लेकिन आरोपित सोनू पर कर्ज होने के कारण उसने यह रास्ता अपनाया। इंस्पेक्टर भाटी ने बताया कि आरोपित पंकज डबवाली के बस स्टैंड पर धार्मिक बुक शाप चलता है, जबकि आरोपित सोनू जूतियां बनाने का काम करता है। दोनों आपस में दोस्त होने के कारण उन्होंने कर्ज उतराने के लिए यह तरीका अपनाया। उन्होंने बताया कि नोट छपाने के लिए यह लोग आनलाइन एक बेवसाइट से पेपर मंगवाते थे। नोट किस प्रकार छपते है, इसकी ट्रेनिंग उन्होंने यूट्यूब पर ली।

बठिंडा में सप्लाई करने के लिए आएं थे आरोपित

एसपी संघा ने बताया कि बीती छह नवंबर को सीआईए इंचार्ज इंस्पेक्टर अमृतपाल सिंह भाटी अपनी टीम के साथ गांव डूमवाली में मौजूद थे। इस दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि डबवाली निवासी आरोपित सोनू व पंकज नकली करंसी बनाने का काम करते है, जोकि पंजाब की सीमा पारकर बठिंडा की तरफ आ रहे है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने दोनों आरोपितों के खिलाफ थाना संगत में केस दर्ज कर गांव डूमवाली की रेलवे क्रासिंग के पास से पैदल गिरफ्तार किया गया। जिसके बाद पुलिस ने आरोपित पंकज से दो लाख रुपये व सोनू से 1.20 लाख रुपये की नकली करंसी मौके पर जब्त की गई, जबकि उनकी निशानदेही पर आरोपित पंकज के घर से एक कलर स्कैनर कम प्रिंटर व 3.30 लाख रुपये व आरोपित सोनू के घर से 3 लाख रुपये के और नकली करंसी बरामद की गई।

इतनी संख्या में मिले नकली नोट
  • 2 हजार रुपये वाले 170 नोट, जिनकी रकम 3.40 लाख रुपये
  • 500 रुपये वाले 1000 नोट, जिनकी रकम 5 लाख
  • 200 रुपये वाले 250 नोट, जिनकी रकम 50 हजार
  • 100 रुपये वाले 600 नोट, जिनकी रकम 60 हजार
  • फोटो सहित-4,5-बठिंडा में हरियाणा में नोटछापने वाले गिरोह के संबंध में जानकारी देते पुलिस अधिकारी।
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