LPG ला रहे 2 भारतीय जहाजों ने होर्मुज पार किया:ईरान ने कल गुजरने की इजाजत दी थी, 2-3 दिन में भारत पहुंचेंगे
अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज 15वां दिन है। खाड़ी देशों से LPG लेकर आ रहे भारत के दो जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट पार कर गए हैं। ईरान ने एक दिन पहले इन जहाजों को गुजरने की अनुमति दी थी और अब ये भारत के पश्चिमी तट की ओर बढ़ रहे हैं।
शिपिंग जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा के मुताबिक भारतीय झंडे वाले LPG कैरियर शिवालिक और नंदा देवी ने शनिवार होर्मुज स्ट्रेट पार किया। दोनों जहाज कुल 92,700 टन LPG लेकर भारत आ रहे हैं।
अधिकारियों ने बताया कि दोनों जहाज गुजरात के मुंद्रा और कांडला बंदरगाह की ओर जा रहे हैं और इनके अगले 2–3 दिनों में भारत पहुंचने की संभावना है। ये दोनों जहाज उन 24 जहाजों में शामिल थे, जो मिडिल-ईस्ट में जंग शुरू होने के बाद होर्मुज स्ट्रेट के पश्चिमी हिस्से में फंस गए थे।
इससे पहले भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहाली ने शुक्रवार को कहा था कि ईरान ने कई भारतीय जहाजों को इस जलमार्ग से गुजरने की अनुमति दी है, हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि कुल कितने जहाजों को अनुमति दी गई।
खाड़ी देशों से LPG लेकर आ रहे भारत के दो जहाज होर्मुज स्ट्रेट को सुरक्षित पार कर गए हैं। जहाज अब गुजरात के मुंद्रा और कांडला बंदरगाह की ओर बढ़ रहे हैं।
शिपिंग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा के मुताबिक भारतीय झंडे वाले LPG कैरियर शिवालिक और नंदा देवी शनिवार सुबह सुरक्षित रूप से स्ट्रेट पार कर गए। दोनों जहाज कुल 92,700 टन LPG लेकर भारत आ रहे हैं।
अधिकारियों ने बताया कि जहाज गुजरात के मुंद्रा और कांडला बंदरगाह की ओर जा रहे हैं और इनके 16 या 17 मार्च तक भारतीय बंदरगाहों पर पहुंचने की संभावना है।
ये दोनों जहाज उन 24 जहाजों में शामिल थे, जो क्षेत्र में संघर्ष शुरू होने के बाद होर्मुज स्ट्रेट के पश्चिमी हिस्से में फंस गए थे।
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ईरानी नौसेना का जहाज IRIS लावन अभी भी केरल के कोच्चि बंदरगाह पर खड़ा है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक जहाज के गैर-जरूरी क्रू सदस्य और भारत में फंसे अन्य ईरानी नागरिक चार्टर्ड फ्लाइट से अपने देश लौट गए हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि IRIS लावन को तकनीकी खराबी के कारण कोच्चि में डॉक किया गया था। ईरान ने 28 फरवरी को जहाज के लिए आपात डॉकिंग की अनुमति मांगी थी और भारत ने 1 मार्च को इसकी मंजूरी दी।
उन्होंने कहा कि मिडिल-ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण कई ईरानी नागरिक भारत में फंस गए थे। ईरानी अधिकारियों ने चार्टर्ड फ्लाइट का इंतजाम कर इन नागरिकों और जहाज के गैर-जरूरी क्रू को वापस भेजा।
IRIS लावन फरवरी में इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू 2026 और मिलान 2026 में हिस्सा लेने के लिए भारत आया था और तकनीकी समस्या के कारण अब भी कोच्चि पोर्ट पर खड़ा है। विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि मिडिल-ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच भारत लगातार तनाव कम करने और संवाद का समर्थन कर रहा है।
इजराइली रक्षा मंत्री बोले- ईरान के साथ युद्ध फाइनल स्टेज में
इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने कहा है कि ईरान के साथ चल रहा युद्ध अब फाइनल स्टेज में पहुंच गया है। उन्होंने ईरान के खार्ग आइलैंड पर अमेरिकी हमलों की तारीफ करते हुए कहा कि संघर्ष निर्णायक मोड़ पर है।
काट्ज ने सैन्य अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि ईरान के खिलाफ वैश्विक और क्षेत्रीय संघर्ष तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह अभियान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है।
UAE ने ईरान की 9 बैलिस्टिक मिसाइल और 33 ड्रोन मार गिराए
संयुक्त अरब अमीरात ने कहा है कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने शनिवार को ईरान से दागे गए 9 बैलिस्टिक मिसाइल और 33 ड्रोन को इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया। UAE के रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि शनिवार सुबह से ईरान की ओर से किए गए हमलों को एयर डिफेंस सिस्टम ने सफलतापूर्वक रोक दिया और सभी मिसाइल व ड्रोन को हवा में ही मार गिराया गया।
मंत्रालय के अनुसार 28 फरवरी से शुरू हुए युद्ध के बाद अब तक UAE की एयर डिफेंस ने 294 बैलिस्टिक मिसाइल, 15 क्रूज मिसाइल और 1,600 ड्रोन को इंटरसेप्ट किया है। बयान में कहा गया है कि इस दौरान हुए हमलों में कम से कम 6 लोगों की मौत हुई है और 141 लोग घायल हुए हैं।
अमेरिका बोला- खार्ग आइलैंड पर 90 ईरानी सैन्य ठिकाने नष्ट
अमेरिका ने दावा किया है कि उसकी सेना ने ईरान के खार्ग आइलैंड पर बड़े पैमाने पर सटीक हमले किए, जिनमें 90 से ज्यादा सैन्य ठिकानों को नष्ट कर दिया गया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार हमले में तेल से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान नहीं पहुंचाया गया।
CENTCOM ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी बयान में कहा कि हमले में नौसैनिक माइंस के भंडारण केंद्र, मिसाइल स्टोरेज बंकर और कई अन्य सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। अमेरिकी सेना ने इसे “लार्ज-स्केल प्रिसिजन स्ट्राइक” बताया।
इससे पहले एक ईरानी अधिकारी ने कहा था कि खार्ग आइलैंड से तेल निर्यात बिना किसी रुकावट के जारी है और वहां तेल कंपनियों की गतिविधियां सामान्य रूप से चल रही हैं।